धार्मिक डिबेट में इस्लाम और शरीयत को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है, इस पर पाबंदी लगे: मौलाना खालिद रशीद

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लखनऊ.ऑल इंडियामुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया और सरकार को लेटर लिखकर TV चैनलों पर होने वाली धार्मिक डिबेट को रोकने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इन तरह की डिबेट में इस्लामऔर शरीयत को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।

अल्पसंख्यकों की भावना को पहुंचाई जा रही ठेस:

उन्होंने अपने लेटर में कहा कि इस तरह की डिबेट से देश के अल्पसंख्यकों के दिलों को ठेस पहुंचाई जा रही है। ऐसी डिबेट पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए। मुफ्ती ऐजाज अरशद कासमी पर उन्होंने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने उन्हें टीबी डिबेट में शिरकत करने के लिए नियुक्त नहीं किया है। इस मामले में एक 3 सदस्यी कमिटी बनाई गई है जो बॉर्ड के अध्यक्ष को अपनी रिपोर्ट देगी। उसके बाद ही फैसला किया जाएगा।

मौलना ने अफसोस करते हुए कहा कि पहले इन डिबेट में शरीक लोग बहुत संजीदिगी से बात करते थे लेकिन अब इसमें गिरावट आई है अब तय एजेंडे के तहत प्रोग्राम चलाया जाता है।

मौलाना ने कहा कि इन्ही बहसों के चलते कुछ दिन पहले मुफ्ती एजाज अरशद कासमी और एक महिला के बीच लाइव टीवी पर कहासुनी हो गई थी, जो की बेहद निंदनीय है। उन्होंने कहा कि इस तरह की बहस से लोगों में अविश्वास फ़ैल रहा है और मजहब का मज़ाक बन रहा है।

क्या है मौलाना एजाज अरशद कासमी का मामला:

तीन तलाक को लेकर एक निजी टीवी चैनल पर लाइव डिबेट के दौरान मंगलवार को हाथापाई हो गई। बहस के दौरान मौलाना एजाज अरशद कासमी भड़क गए और शो में हिस्सा लेने आई महिला वकील फराह फैज पर हाथ उठा दिया। मामला बरेली की निदा खान के खिलाफ मौलवियों की ओर से जारी फतवे का था।

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