इस फुटबॉल खिलाड़ी ने किया फैसला दान करदेगा अपनी पूरी FIFA World Cup फीस

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फ्रांस को 1998 के बाद दूसरी बार फीफा विश्व कप चैंपियन बनाने वाले 19 साल के स्टार स्ट्राइकर किलियन एम्बाप्पे अपने खेल के साथ ही एक बहुत ही नेक काम के लिए सुर्खियों में हैं। रूस में हुए 21वें फीफा विश्व कप में ‘एमर्जिंग प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ का अवॉर्ड पाने वाले एम्बाप्पे ने इस टूर्नामेंट से हुई 3.5 करोड़ की अपनी पूरी कमाई चैरिटी के लिए दान कर देने का फैसला लिया है। फ्रांस के इस स्टार स्ट्राइकर ने फाइनल मुकाबले में क्रोएशिया के खिलाफ 65वें मिनट में गोल दागकर अपनी टीम को 4-1 से जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इस‍ विश्व कप में यह उनका चौथा गोल था। एमबापे ब्राजील के दिग्गज खिलाड़ी पेले के बाद विश्व कप के 88 साल के इतिहास में सिर्फ दूसरे ऐसे युवा खिलाड़ी बने हैं जिन्होंने फाइनल में गोल किया है। फाइनल मैच में एमबापे ने फ्रांस के लिए चौथा गोल किया था। इस विश्व कप में यह उनका चौथा गोल था। बता दें कि फ्रांस की टीम ने क्रोएशिया को 4-2 से हराकर फीफा विश्व कप 2018 का खिताब जीता था। फ्रांस ने 1998 के बाद दूसरी बार यह खिताब जीता है।

एक वेबसाइट की रिपोर्ट के अनुसार, एमबापे पिछले सीजन में मोनाको को छोड़कर पैरिस सेंट जर्मेन (पीएसजी) से जुड़े थे और फुटबॉल इतिहास के सबसे महंगे युवा खिलाड़ी बने थे। एमबापे अब अपनी पूरी मैच फीस चैरिटी को दान करने के लिए तैयार हैं क्योंकि उनका मानना है कि अपने देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए उन्हें भुगतान नहीं किया जाना चाहिए। 19 साल के युवा खिलाड़ी एमबापे को विश्व कप के दौरान पर मैच करीब 17000 पाउंड मिले हैं, जिसे अब वह चैरिटी को दान करने वाले हैं। वह प्रेयर्स डी कोर्डिस असोसिएशन संगठन के पालक हैं, जो विकलांग बच्चों के लिए खेल गतिविधियां आयोजित करवाने में मदद करता है।

एम्बाप्पे फीफा विश्व कप फाइनल में ब्राजील के महान खिलाड़ी पेले (17 साल में गोल) के बाद गोल करने वाले दुनिया के दूसरे सबसे युवा फुटबॉलर (19 साल में गोल)  बन गए। किलियन एम्बाप्पे की इस कामयाबी पर पेले ने ट्‍वीट करके उन्हें बधाई भी दी थी। एम्बाप्पे ने गरीबी काफी करीब से देखी है। उन्होंने इसी साल 10वीं कक्षा की परीक्षा भी पास की है। एम्बाप्पे ने विश्व कप में जितनी भी कमाई की है, उसे ‘प्रीमियर्स डी कोर्डी’ चैरिटी संस्था को दान करने का फैसला किया है।

यह संस्था बीमार और दिव्यांग बच्चों के लिए काम करती है। एम्बाप्पे पिछले ही साल जून में इस संस्था से जुड़े थे और उसकी गतिविधियों से काफी प्रभावित हुए थे। उनको रूस में संपन्न हुए फीफा विश्व कप 2018 में प्रति मैच 15 लाख 49 हजार रुपए फीस के रूप में मिला। उन्होंने कुल 7 मैच खेले जिससे यह रकम 1 करोड़ 8 लाख हुई। विश्व विजेता बनने पर एम्बाप्पे को बोनस के रूप में 3 करोड़ 49 लाख रुपए मिले।

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