Breaking News: अब सामने आया पक्का सबूत मोदी जी ने लिए थे 40.1 करोड़ रुपए सहारा से रिश्वत

9
261482
रिश्वत

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने देश की राजधानी के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी। अपने सनसनीखेज आरोपों से केजरीवाल ने पीएम नरेन्द्र मोदी पर करोड़ों रूपये के काले धन को रिश्वत के रूप में लेने के दस्तावेज़ पेश किए, जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे।

दिल्ली विधानसभा के आपात सत्र के दौरान बोलते हुए केजरीवाल ने कहा था कि ऐसा स्वतंत्र भारत में पहली बार हो रहा है कि जब एक प्रधानमंत्री का नाम काले धन वालों की सूची में आ रहा हैं।

अपने आरोपों को पुष्ट करने के लिए केजरीवाल ने जो दस्तावेज़ प्रस्तुत किए वह आयकर अधिकारियों द्वारा कि गई छापेमारी जो क्रमशः 2013 और 2014 में आदित्य बिड़ला ग्रुप व सहारा समूह के कार्यालयों पर की गई थी। ये उन्हीं के मूल्याकंन की रिर्पोट थी।

इस मुल्याकंन रिर्पोट के अनुसार, आदित्य बिड़ला ग्रुप ने कथित तौर पर मोदी को 25 करोड़ रूपये रिश्वत के रूप में भुगतान किया था।

उन्होंने कहा कि आदित्य बिड़ला समूह पर अक्टूबर में छापा डाला गया था, आयकर अधिकारियों ने सभी दस्तावेज़ों को अपने कब्जे़ में ले लिया था।

शुभेन्दू अमिताभ उस समय बिड़ला ग्रुप में बतौर कार्यकारी अधिकारी के रूप में तैनात थे। अधिकारियों ने उनके लैपटाॅप और ब्लैकबेरी की पड़ताल की थी, अपनी जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि एक प्रविष्टि में कहा गया था कि 25 करोड़ रूपये गुजरात के मुख्यमंत्री को दिए गए है।

यहां गुजरात के मुख्यमंत्री के आगे कोष्ठक में दिए गए की पुष्टी थी और लिखा था कि 12 को दे दिया गया है और बाकी? उस समय नरेन्द्र मोदी 2012 में गुजरात के मुख्यमंत्री थे।

इस बीच उच्च न्यायालय के अधिवक्ता और स्वराज अभियान के मुखिया प्रशांत भूषण ने भी सुप्रीम कोर्ट में इस बाबत याचिका लगाई है जिनमें मुख्य तौर पर अक्टूबर 2013 में आदित्य बिड़ला समूह पर आयकर विभाग की छापेमारी थी और नवंबर 2014 में सहारा इंडिया समूह की कंपनियों को खंगाला गया था।

25 अक्टूबर को भूषण ने ये आरोप पत्र सभी जांच एजेंसियों, दो सेवानिवृत्त न्यायाधीशों, मुख्य सतर्कता आयुक्त और काला धन की जांच करने वाले विभागों की टीम को भेज दिए थे।

भूषण ने जनता का रिर्पोटर को बताया कि मूल्याकंन रिर्पोट से जो जानकारी बाहर आई है, उससे पता चलता है कि सहारा ग्रुप पर कि गई छापेमारी में रिश्वत खोरी के और अधिक पुख्ता सबूत मिलते है मोदी और उनके सहयोगियों के खिलाफ आदित्य बिड़ला समूह की तुलना में।

जनता का रिर्पोटर को प्राप्त हुए दस्तावेज़ों से पता चलता है कि कई भुगतानों में एक ही नाम का प्रयोग हुआ है ‘मोदी जी’ और ‘मुख्यमंत्री गुजरात’ (नीचे दिए गए चित्र में देखें)

सनसनीखेज विडियो: मोदी भक्तों का असली चेहरा, लाइव रिपोर्टिंग के दौरान रविश कुमार को धमकाया

अगला पेज

9 COMMENTS

  1. Like krne ki to baat door h

    .
    Aap bnd kr do likha

    .
    Khin aisa na ho ho ki Bhagwan tumhe maaf na kre Aur aa jaapka last day and night ho

  2. That was known that Modi is corrupt, using corporate’s and foreign money to win elections, that too in black, and the reason why is hysterically opposed to RTI & JLPB!

  3. हिंदी में एक कहावत पढ़ी थी :
    “खिसियानी बिल्ली खम्बा नोंचे” वही याद आ रही है

    केजरीवाल के पास शीला दीक्षित के खिलाफ ३७० पेज के ऐसे ही सबूत थे, क्या हुआ उन सबूतों का ? शीला दीक्षित तो किसी उच्च पद पर भी नहीं हैं कि उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो सकती है , मतलब साफ़ है सबूत खोखले थे , इस समय मोदी जी के द्वारा देशहित में उठाये गए कदम ५०० व् १००० रुपये के नोटों कि बंदी से जिनके पास कालाधन है उन्हें बहुत परेशानी हो रही है और मोदी जी को गलत साबित करने के लिए सभी तरह के हथकंडो का सहारा लिया जा रहा है. परन्तु देश कि जनता भी अब जागरूक हो गयी है और वह मोदी जी के साथ है….

  4. सहारा ग्रुप की रिपोर्ट कितनी सही है यह कहना मुश्कील है परन्तु यह स्पस्ट है की सहारा के चीफ सुब्रोतो को २ साल से अधिक जेल में रहना पड़ा यदि मोदी ने रिश्वत ली होती तो क्या उन्हें जेल की ताड़ना श्नियो पडती- क्या वः स्वयम इस बात का खुलास नही करते
    प्रशांत भूषण एडवोकेट हैं – इनका काम झूठ बोलना है
    निष्कर्ष : मोदी को रिश्वत खोर कहना सर सर बेवकूफी है केजरी चीफ मिनिस्टर की गरिमा खराब कर रहा है पब्लिक केजरी का दर्द समझती है उसकी सभी आशाये मिटटी में मिल गयी हैं

  5. सब बकवास हैं,,,, जिनको कोई काम नही वो मोदी जी के बारे मे अफवाह उड़ाते है,,,, सालों कुछ तो समझो।। इतने बड़े हो गए हो अपनी सोच को बदलो

  6. this not the way india prime minister done note bandhi 1 st govt must think about daily work labour how they survive with money if govt talking about poor people lower class family then why till now not taken any decision for them u people not think about any person all r same lane not budy want develop india only u people play politics always govt making fool to all indians

  7. जल्दी क्या है भाई? सच या झूठ जो भी होगा वो सामने आयेगा. अब तक नहीं बोलने बाला अब तक क्यों चूप रहा? मोदीजी के कारण लूट गया लगता है, मस्तिष्क पर काबू नहीं है. हिंम्मत है तो न्यायालय तक पहुंच जाओ. सब ठीक हो जायेगा. ? जय हिंद ?

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here