सनातन संस्था के लोग बम विस्पोट कर महाराष्ट्र और देश को दहलाने की रच रहे थे साज़िश

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महाराष्ट्र के पालघर जिले के नालासोपारा पश्चिम इलाके में गुरुवार (9 अगस्त) रात महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने छापा मारकर एक घर से भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किए हैं। ATS ने नालासोपारा और सतारा से कट्टरपंथी हिंदू संगठन से जुड़े 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। एटीएस ने जिन लोगों को गिरफ्तार किया है उनमें वैभव राउत (40) भी शामिल है, जो कथित तौर पर हिंदू गोवंश रक्षा समिति का सदस्य है।

वह दक्षिणपंथी संगठन सनातन संस्था से भी सहानुभूति रखता है। कथित तौर पर सनासत संस्था से जुड़े संदिग्ध नरेंद्र दाभोलकर, गोविंद पंसारे और एमएम कलबुर्गी की हत्या के अलावा मशूहर पत्रकार गौरी लंकेश के मर्डर में भी शामिल थे। एटीएस ने कहा है कि तीनों से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री भी बरामद की गई है। इसमें जिंदा कच्चे बम और जिलैटिन स्टिक्स भी शामिल हैं। कहा जा रहा है कि एटीएस की इस कामयाबी की वजह से महाराष्ट्र में कई जगह होने वाले आतंकी हमले को नाकाम कर दिया गया है।

सतारा से पकड़े गए दूसरे शख्स की पहचान सुधानवा गोंडलेकर (39) के रूप में की गई है। वह श्री शिवप्रतिस्थान हिंदुस्तान का सदस्य है। इस संगठन के प्रमुख संभाजी भिड़े हैं। भिड़े के खिलाफ पुणे पुलिस ने एक जनवरी को भीमा कोरेगांव में हिंसा फैलाने के आरोप में 2  आपराधिक मामले दर्ज किए हैं। तीसरे आरोपी की पहचान शरद कसालकर (25) के रूप में की गई है। उसे राउत संग उसके नालासोपारा स्थित आवास से गिरफ्तार किया गया है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक एटीएस को कसालकर से बम बनाने का एक नोट मिला है, जबकि गोंडलेकर को विस्फोटक बनाने का ज्ञान था। उसने अन्य 2 लोगों को विस्फोटक बनाने की ट्रेनिंग देने के इकट्ठा किया था।

तीनों को कड़े गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम और आईपीसी की धाराओं के अलावा विस्फोटक एक्ट के तहत गिरफ्तार किया है। एटीएस के मुताबिक उन्होंने 20 कच्चे बम और 2 जिलैटिन स्टिक्स सहित कुल 22 विस्फोटक बरामद किए हैं। इसके अलावा एक नोट बरामद किया है, जिसमें बम बनाने की तकनीक का ब्योरा लिखा है। एक 6 वॉल्ट की बैटरी, लूस वायर, ट्रांजिस्टर और गोंद भी बरामद किया गया है।

सूत्रों का कहना है कि राउत के घर से जो बम बरामद किए गए वो इस्तेमाल के लिए तैयार थे। एक अधिकारी के मुताबिक, ‘वो कुछ भयावह करने की तैयारी में थे। उनके पास से बरामद बम इस्तेमाल करने के लिए तैयार थे। 15 अगस्त और बकरीद से पहले इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक बरामद होना बड़ी चिंता की बात है। हमारी जांच अब इतने सारे बम इक्ट्ठा करने के मकसद पर केंद्रित है। क्या वो एक समन्वित हमले की योजना बना रहे थे या उन्हें किसने प्रशिक्षित किया था।’

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, एक वरिष्ठ IPS अधिकारी के नेतृत्व में मारे गए इस छापे में एटीएस की टीम के साथ डॉग स्कवॉयड भी मौजूद थी। ATS के अधिकारियों का कहना है कि उनकी पिछले कुछ समय से वैभव राउत पर नजर थी। फिलहाल, आरोपी के घर से मिले संदिग्ध सामान को जांच के लिए मुंबई फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी भेज दिया गया है। शुक्रवार सुबह तक चली छापेमारी के बाद वैभव राउत को गिरफ्तार कर लिया गया।

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