विदेश में कितना काला धन है, सरकार को नहीं पता: वित्त मंत्री पीयूष गोयल

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मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान कालेधन से संबंधित सवाल का वित्त मंत्री पियूष गोयल ने जवाब दिया. उन्होंने कहा कि विदेशों में जमा कालेधन के बारे में सरकार के पास कोई सटीक अनुमान नहीं है. हालांकि कालेधन की जब्ती के लिए सरकार देश-विदेश में गंभीर और सतत प्रयास कर रही है.

गोयल ने कांग्रेस के केवीपी रामचंत्र राव के प्रश्न का उत्तर देते हुए यह बात कही. राव ने अपने सवाल में पूछा था कि प्रधानमंत्री ने विदेशों में जमा कालाधन वापस लाकर देश के नागरिकों में इसे वितरित करने का वादा किया था. इस दिशा में क्या कार्रवाई की गई है. कितनी कालेधन की जब्ती के रूप में राशि स्वदेश वापस लाई जा सकी है और इसे रुपए में तब्दील कर कितने लोगों के खातों में जमा कराया गया.

इस पर गोयल ने कहा ‘सरकार को जहां कहीं भी कालेधन की जानकारी मिलती है, उसे तत्काल जब्त किया जाता है. 2014 में इस सरकार के गठन के बाद बेनामी संपत्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई. जिसका नतीजा है कि आयकर दाताओं की संख्या और आयकर वसूली की मात्रा में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है.’

1 रुपया लाभार्थी तक पहुंचते-पहुंचते 15 पैसे हो जाता है

उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का नाम लिए बिना कहा कि एक पूर्व प्रधानमंत्री का प्रसिद्ध वक्तव्य है कि सरकार द्वारा एक रुपया देने पर लाभार्थी तक मात्र 15 पैसे पहुंच पाते हैं. गोयल ने इसे कालेधन से जोड़ते हुए कहा कि इस ‘लीकेज’ को रोकने के लिए मौजूदा सरकार द्वारा किए गए प्रयासों का ही नतीजा है कि सरकारी योजनाओं के तहत लाभार्थी के खातों में चार लाख करोड़ रुपए जमा कराए गए.

कालेधन के आकलन के बारे में गोयल ने कहा कि इसके लिए सरकार ने पहली कैबिनेट बैठक में ही एसआईटी का गठन किया था. एसआईटी इस दिशा में लगातार काम कर रही है.

हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि विदेशों में भारतीयों द्वारा छुपाकर रखे गए कालेधन का कोई आधिकारिक अनुमान नहीं है. उन्होंने कहा फिर भी, सरकार ने देश के भीतर और बाहर, अन्य बातों के साथ-साथ बेहिसाबी आय और संपत्ति के अनुमान के लिए गठित अध्ययन दल की रिपोर्ट, वित्त संबंधी स्थाई समिति के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए लोकसभा सचिवालय को भेज दी है.

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