राहुल गांधी का BJP पर ज़ोरदार हमला- बहनों, भाजपा विधायकों से बेटियों को बचाना है

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– राहुल गांधी ने कहा कि पार्लियामेंट में महिला आरक्षण बिल पड़ा हुआ है लेकिन भाजपा उसे पास नहीं करना चाहती है। जबकि हम कबसे इस बिल को पास कराने के लिए लड़ रहे हैं।

– ये बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ की बात करते हैं लेकिन हमें इनके विधायकों से ही बेटियों को बचाना है।

– राहुल ने कहा कि इन्होंने मनरेगा को खत्म कर दिया जबकि इससे लाखों करोड़ों महिलाओं को फायदा होता था।

– राहुल गांधी ने कहा कि अगर ये महिला आरक्षण बिल पास करेंगे तो हम इनका समर्थन करेंगे अगर नहीं करेंगे तो जब हमारी सरकार आएगी तो हम सबसे पहले यह बिल पास करेंगे।

– राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा और आरएसएस की सोच महिला विरोधी है। आरएसएस संगठन में एक भी महिला कर्मी नहीं है।

– राहुल ने कहा कि हम महिलाओं को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा अगर एक महिला और पुरुष दोनों में समान विशेषता है तो मैं महिला को ज्यादा तवज्जों देता हूं।

– मोदी बड़ी बड़ी घटना पर बात करते हैं लेकिन बिहार के मुजफ्फरपुर और उत्तर प्रदेश के देवरिया केस के मामले में कुछ भी नहीं बोल रहे हैं। और न ही उनसे कोई कुछ कह रहा है।

कांग्रेस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद आज मौका है पार्टी के महिला अधिकार सम्मेलन का, जिसे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष संबोधित करेंगे।इस मौके पर महिला कांग्रेस के नए चिन्ह और झंडे का अनावरण राहुल गांधी करेंगे।महिला आरक्षण के साथ-साथ महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों के जरिये केंद्र की मोदी सरकार पर हमला किया जाएगा।दिल्ली के तालकटोरा इंडोर स्टेडियम में आयोजित सम्मेलन में राहुल गांधी महिला कांग्रेस का अलग ‘लोगो’ झंडा और ‘एंथम’ जारी कर सकते हैं  जिसका मकसद 2019 के आम चुनावों के लिए महिलाओं पर ध्यान देने और पार्टी की महिला विंग को ताकत और अलग पहचान देना है।अभी तक यूथ कांग्रेस, सेवा दल और कांग्रेस पार्टी के पास अपना झंडा है और अब महिला कांग्रेस भी अपनी झंडा लहरा पायेगी।

कांग्रेस पार्टी की नेता शोभा ओझा ने कहा, महिलायें चुनाव प्रचार में सबसे ज्यादा मेहनत करती हैं।डोर टू डोर कैम्पेन को महिला ही सफल तरीके से पूरा करती हैं।यहाँ तक तो ठीक है, लेकिन जब अधिकार की बात आती है तो कंजूसी देखने को मिलती है।कांग्रेस पार्टी की महिलाओं को सीट वितरण में कितना आरक्षण मिलता है, यह आपके सामने है।टिकट वितरण के दौरान घर घर घूमने वाली महिला कार्यकर्ता नजर अन्दाज हो जाती हैं।वहाँ नए चेहरे देखने को मिलते हैं।उस मौके पर
नेताओं की पत्नी और बेटियाँ आगे आ जाती हैं।शोभा ने कहा, हमें इससे गुरेज नहीं हैं, लेकिन इन्हें टिकट देने से पहले ये जरूर देखें कि ये कितनी बार कांग्रेस का झंडा लेकर गली में निकली है?

शोभा ओझा ने कहा, किसी भी रैली में महिलाओं की बड़ी मौजूदगी होती है, लेकिन उनकी पहचान न होने के कारण कोई भी नेता उनकी मौजूदगी को अपने कोटे में डाल देता है।आज जब हमें अपना झंडा मिलेगा तो हमारी अलग पहचान होगी।इसके बाद हम अपने अधिकारों की लड़ाई अच्छे से लड़ सकेंगे।इससे पहले मानसून सत्र शुरु होने से पहले महिला कांग्रेस ने संसद में महिला आरक्षण की मांग जोर शोर से उठाई थी। खुद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को इस मांग के बारे में चिट्ठी लिखी थी। पार्टी का मानना है कि 2014 में भाजपा ने महिला आरक्षण और महिला सुरक्षा दोनो को ही अपने चुनावी घोष्णापत्र में अहम बताया था। लेकिन पिछले चार साल में कठुआ से लेकर उन्नाव और मुजफ्फरपुर से लेकर देवरिया तक साफ बताता है कि भाजपा का कथनी और करनी में कितना फर्क है।

कांग्रेस का ये भी मानना है कि ‘बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ’ अभियान सरकार का जुमला भर है, जिसका पर्दाफाश किया जाना जरूरी है।कांग्रेस का दावा है कि महिला अधिकार सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए देशभर से बड़ी तादाद में महिला कांग्रेस की कार्यकर्ता दिल्ली पहुंच रही हैं।राहुल गांधी ने पिछले दिनों पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा था कि आने वाले समय में पार्टी के साथ-साथ सिस्टम में उच्च पदों पर महिलाओं को जगह देंगे।बता दें कि महिला कांग्रेस की अध्यक्ष असम से लोकसभा सांसद सुष्मिता देव हैं. उन्होंने तीन तलाक मामले पर लोकसभा में काफी मजबूती से अपनी बात रखी थी।

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