भीमा कोरेगांव मामले पर ट्विंकल खन्ना का बयान बोली…..

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भीमा कोरेगांव मामले में पांच वामपंथी विचारकों की गिरफ्तारी पर सुप्रीम कोर्ट की बेंच में बुधवार को सुनवाई हुई. कोर्ट ने पांचों वामपंथी विचारकों को 6 सितंबर तक हाउस अरेस्ट में रखने के आदेश दिए हैं. इस मामले में अगली सुनवाई 6 सितंबर को होगी.महाराष्ट्र पुलिस ने मंगलवार को कई राज्यों में छापेमारी कर माओवादियों से संबंध के संदेह में पांच प्रबुद्ध वामपंथी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तार किए गए कार्यकर्ताओं में रांची से फादर स्टेन स्वामी, हैदराबाद से वामपंथी विचारक और कवि वरवरा राव, फरीदाबाद से सुधा भारद्धाज, मुंबई से अरुण फरेरा और दिल्ली से सामाजिक कार्यकर्ता गौतम नवलाख को गिरफ्तार किया.

इस बीच कई हलकों से इस मामले में प्रतिक्रिया आ रही है. अपने सेंस ऑफ ह्यूमर के लिए जानी जाने वाली बॉलीवुड एक्ट्रेस ट्विंकल खन्ना ने इस विषय पर ट्विटर के ज़रिए अपनी प्रतिक्रिया दी. ट्विंकल ने लिखा, ‘आज़ादी एक साथ कभी नहीं छीनी जाती है. ये एक-एक कर छीनी जाती है, एक समय पर केवल एक, एक सामाजिक कार्यकर्ता, एक वकील, एक लेखक और फिर एक-एक कर हम सब.’

ट्विंकल खन्ना अपनी बेबाक राय रखने के लिए जानी जाती रही हैं. इससे पहले भी कई बार उन्होंने अलग अंदाज़ में सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों के बारे में टिप्पणियां की हैं.बता दें कि पुलिस ने भीमा-कोरेगांव से जुड़ी गिरफ्तारियों पर कहा है कि नक्सलियों से संपर्क और जून में गिरफ्तार पांच लोगों से संबंध रखने वालों के घरों पर छापे मारे गए. संदिग्धों के वित्तीय लेनदेन और संचार के तरीकों की छानबीन भी की जा रही है. सभी आरोपियों पर आईपीसी की विभिन्न धाराओं और गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम कानून यानी यूएपीए के तहत मामला दर्ज़ किया गया है. पुलिस ने कहा कि गिरफ्तार हुए पांच लोगों पर नज़र रखी जा रही थी और एक हफ्ते से उनकी हर एक हरकत पर निगरानी थी.

सिर्फ ट्विंकल खन्ना ही नहीं बल्कि स्वरा भास्कर ने भी अपने ही अंदाज में इसका विरोध किया. उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर एक तस्वीर शेयर की जिसमें नए भारत की तस्वीर दिखाई गई है. इस तस्वीर में एक साइड एक्टिविस्ट नजर आ रहे हैं तो दूसरी तरफ लिंचिंग करने वाले. तस्वीर में लिंचिंग करने वाले को बेल और एक्टिविस्ट को जेल जाते हुए दिखाया गया है.

बता दें कि पुलिस ने भीमा-कोरेगांव से जुड़ी गिरफ्तारियों पर कहा है कि नक्सलियों से संपर्क और जून में गिरफ्तार पांच लोगों से संबंध रखने वालों के घरों पर छापे मारे गए. संदिग्धों के वित्तीय लेनदेन और संचार के तरीकों की छानबीन भी की जा रही है. सभी आरोपियों पर आईपीसी की विभिन्न धाराओं और गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम कानून यानी यूएपीए के तहत मामला दर्ज़ किया गया है. पुलिस ने कहा कि गिरफ्तार हुए पांच लोगों पर नज़र रखी जा रही थी और एक हफ्ते से उनकी हर एक हरकत पर निगरानी थी.

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