पक्ष और विपछ को लेकर बाबा रामदेव का बड़ा बयान…

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योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा किदेश की पॉलिटिक्स इश्यू बेस्ड होनी चाहिए। डेवलपमेंट, हेल्थ, एजुकेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर, एग्रीकल्चर पॉलिसी, हेल्थ पॉलिसी, इंडस्ट्री पॉलिसी पर चर्चा होनी चाहिए। इसके उपर देश में बहस होनी चाहिए। लेकिन इन मुद्दों पर बहस न होकर के ओछी बहस हो रही है। ये अच्छा नहीं है। पक्ष-विपक्ष दोनों ही तरफ से शब्दों की मर्यादा लांघी जा रही है। यह राष्ट्र के लिए शुभ संकेत नहीं है। पीएम मोदी को दुबारा 2019 में प्रधानमंत्री बनाए जाने के एक सवाल पर बाबा कहा कि वे एक अराजनीतिक व्यक्ति हैं और किसी भी राजनीतिक सीमाओं में नहीं बंधे हैं।

मीडिया से बात करते हुए यह पूछे जाने पर ‘2019 के चुनाव के लिए आप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पक्ष में प्रचार करेंगे?’ बाबा रामदेव ने कहा कि, “मैं राजनीतिक रूप से एक सर्वदलीय और निर्दलीय व्यक्ति हूं। इसलिए मैं किसी भी प्रकार की राजनीतिक बंदिशों में नहीं बंधा हुआ हूं। मेरे लिए भारत माता मेरी आराध्या हैं। मेरा कर्म मेरा धर्म है। मैं उसका कर रहा हूं और करूंगा।”देश के राजनीतिक हालात पर बाबा ने कहा, “इस समय देश में विरोधी भी एकजुट हो रहे हैं। महागठबंधन की बातें हो रही है। वो कितना जमीन पर उतर पाएगा, ये तो वक्त बताएगा लेकिन इतनी बात जरूर है कि इस समय मोदी के मुकाबले कोई दूसर नेतृत्व जो उनके कद का हो, दिख नहीं रहा है। ये अलग बात है कि देश में जातीय व वर्ग संघर्ष को पैदा कर किया जा रहा है। राजनीतिक पार्टियों में भी कुछ ऐसा हो रहा है, जो नहीं होना चाहिए। यह अशोभनीय है। राजनीतिक पार्टियों में बोलने की मर्यादा गिर गई है। कोई किसी को चोर तो कोई महाचोर कह रहा है। एक दूसरे के बारे में ओछी बातें कही जा रही है।”

क्या आप बीजेपी के लिए वोट मांगेंगे? के सवाल पर बाबा कहते हैं, “अभी काफी समय है। लेकिन यह भी बात है कि मैं किसी राजनीतिक पार्टी का प्रचारक तो हूं नहीं। मैं एक आध्यात्मिक व्यक्ति हूं। एक योगी हूं और कर्मयोगी हूं। देश के लिए मैं उपयोगी बनूं।” राहुल गांधी सरकार को कोई आसन करा रहे हैं क्या आजकल? सवाल पर रामदेव कहते हैं, “देखिए! अनुशासन में रह कर के आसन हो और शासन हो। अनुशासन के बिना जो आसन हो रहे हैं, उसमें सिंहासन भी डवाडोल हो रहा है। मैं ये कहना चाहूंगा कि व्यक्तिगत तौर पर कोई छींटाकशी न हो|’’

बाबा रामदेव ने कहा कि, “देश में कुछ बड़े मुद्दे बनाने के लिए राजनीतिक धरातल पर मुद्दे गढ़े जाते हैं। रफाल डील भी वही है। अब देखना है कि विपक्ष इसमें कितना कामयाब होता है और सत्ता पक्ष इससे खुद को कैसे बचा पाती है। पीएम साहब काफी विवेकशील हैं। समय आने पर वे पत्ते खोलेंगे। उस समय दूसरे लोगों को जवाब देना मुश्किल हो जाता है।” उन्होंने आगे कहा, “पेट्रोल डीजल पर सरकार को कुछ करना चाहिए। मुझे विश्वास है कि वे कुछ करेंगे। सरकार ने देश में मौजूद कालाधन को वापस लाने के लिए भी कदम उठाया लेकिन देश से बाहर मौजूद कालाधन को वापस लाने के लिए जो कदम उठाया जा रहा है, उसमें कहीं न कहीं कमी जरूर है। हालांकि, देश की जनता ये कह रही है कि मोदी जी काम कर रहे हैं। माेदी जी के काम के उपर, उनकी पारदर्शिता और कार्यशैली पर किसी तरह का सवाल नहीं उठा रहा है। हां, ये बात है कि आगामी चुनाव में भी संघर्ष होगा। जो संघर्ष का सामना करते हुए आगे बढ़ते हैं, वे ही योद्ध होते हैं।”

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