नीतीश कुमार को हराने के लिए मुसलमानों ने किया मतदान!

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बिहार के अररिया लोकसभा सीट के लिए उपचुनाव में रविवार को मतदान किया गया| लेकिन अब दावा किया जा रहा है कि यहां पर नीतीश कुमार और बीजेपी की हार निश्चित है। कहा जा रहा है कि यहां के मतदाताओं ने केवल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को हराने के लिए वोटिंग की है? सवाल बड़ा भी है और गंभीर भी। इसके पीछे नीतीश कुमार से नाराजगी बतायी जा रही है। बता दें कि इन उपचुनावों में जदयू ने उम्मीदवार न उतारने का फैसला किया था। पार्टी ने बीजेपी के उम्मीदवारों समर्थन करने का ऐलान किया था।

अररिया नीतीश और जदयू की हार की वजह

बता दें कि अररिया की सीट अभी तक राजद के पास थी यहां से मोहम्मद तस्लीमुद्दीन सांसद थे। जिनके निधन के बाद यह सीट खाली हुई थी वहीं उनके बेटे सरफराज आलम ने जदयू से नाराजगी जताते हुए राजद का दामन थाम लिया था। सरफराज ने राजद के टिकट पर चुनाव लड़ा है। उन्होंने एक महीने पहले ही राजद का दामन थामा था।
जानकारों की माने तो सरफराज को पहले ही इस बात का ऐहसास हो गया था कि अररिया के मुसलमानों में नीतीश कुमार के खिलाफ काफी गुस्सा है। ऐसा कहें तो गलत नहीं होगा और इसी गुस्से का पूरा फायदा उठाने के लिए उन्होंने अपनी पार्टी छोड़कर आरजेडी का दामन थामा।वहीं कहा कि नीतीश कुमार के खिलाफ गुस्सा रविवार को देखने को मिला। जब मुस्लिम बहुल जिले अररिया की जनता ने अपना मतदान किया।

लालू के साथ धोखे से नाराज हैं अररिया के मतदाता

एक टीवी चैनल ने कई मतदान केंद्रों का भ्रमण किया और वहां की जनता से जानना चाहा कि आखिर किन मुद्दों पर जनता वोट कर रही है तो जवाब केवल एक ही था, नीतीश कुमार को हराने के लिए। जब उनसे पूछा गया कि वह नीतीश कुमार से नाराज क्यों हैं तो उन्होंने कहा कि राजद और लालू प्रसाद यादव को धोखा दिया है। इसलिए वे नीतीश से नाराज हैं। सोनापुर ग्राम के एक मतदाता मोहम्मद रौफ का कहना है कि नीतीश कुमार ने जिस तरीके से पिछले साल महागठबंधन को तोड़कर बीजेपी के साथ हाथ मिलाया। उससे स्थानीय जनता काफी नाराज है। दूसरे मतदाता मोहम्मद इस्माइल का कहना था कि नीतीश कुमार ने लालू प्रसाद यादव का इस्तेमाल करके सरकार बना ली और फिर उसके बाद उन्होंने उन्हें धोखा दे दिया।

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