देश बचाओ भाजपा भगाओ रैली में जुटी रिकॉर्ड तोड़ जनता , भीड़ देख कर भाजपा के होश उड़ गए

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महागठबंधन के टूटने के बाद राजद प्रमुख लालू यादव द्वारा पहली बार शक्ति प्रदर्शन के तौर पर पटना के गांधी मैदान में बुलाई गई ‘देश बचाओ भाजपा भगाओ रैली’ में विपक्ष के तमाम दिग्‍गज जुटे। लालू यादव के आयोजन में जेडीयू से बागी हुए शरद यादव भी पहुंचे और लालू को गले लगाकर अपने इरादे साफ कर दिए।
जेडीयू के सांसद शरद यादव ने रैली को संग्रामी सभा करार देते हुए कहा कि नीतीश कुमार पर चुटकी ली। उन्होंने कहा कि बाढ़ में पीएम मोदी ने 500 करोड़ रुपये दिए जबकि मनमोहन सिंह की नेतृत्व वाली सरकार ने 1100 करोड़ रुपये दिए थे। रैली में आने के सवाल पर उन्होंने कहा कि बहुत लोगों ने आने से मना किया लेकिन मैं नहीं आया।

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उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की लककार को बिहार में महागठबंधन ने रोका था। महागठबंधन बनाने में तमाम पार्टियों ने मेहनत की। उन्होंने कहा कि महागठबंधन पांच साल के लिए बना था, उसे तोड़ा गया।

उन्होंने कहा कि मैंने कई लोगों को सांसद और विधायक बनाया। शरद ने कहा कि लोकशाही में संविधान की धज्जियां उड़ जाएंगी अगर वचन की कीमत नहीं होगी। लोकतंत्र में जनता मालिक होती है। इसलिए कोई गुमान न करें।
उन्होंने कहा कि शरद यादव यहां से ऐलान करता है कि हिंदुस्तान में गठबंधन बनेगा। जो लोग सोचते थे कि उनके विजय रथ को कोई रोक नहीं सकता, बिहार की जनता ने उस रथ को खींचकर रोका।

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ंग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी ने फोन के जरिए रैली को संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज जो लोग सत्ता में बैठे हैं उनका एक ही मकसद है। देश का विभाजन करना। देश में ऐसी सरकार चल रही है जिसे देश की नहीं अपनी पार्टी की चिंता है। उन्होंने कहा कि हर साल दो करोड़ लोगों को रोजगार देने का वादा करने वाली सरकार ने अभीतक कितने लोगों को रोजगार दिए।

सोनिया ने कहा कि बच्चे अस्पताल में जान दे रहे हैं। कमजोर तबके पर अत्याचार बढ़ रहे हैं। नीतीश के नाम लिए बिना सोनिया ने कहा कि बिहार में जनादेश का अपमान नहीं पूरे देश का अपमान हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बार-बार कहते हैं कि विरोध करने वाले आजकल बढ़ गए हैं। सोनिया ने कहा कि जो सच से इंकार करते हैं वो ज्यादातर दिन तक प्रांसगिक नहीं रहते।
सोनिया ने कहा कि भारत की विविधता, एकता और धर्मनिरपेक्षता को बचाए रखना है। आज की रैली ने देश में एक संदेश दिया है।

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इससे पहले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि अच्छे दिन वाले आजकल न्यू इंडिया की बात कर रहे हैं। अखिलेश बोले कि हम जानना चाहते है कि जीएसटी और नोटबंदी से कितना भ्रष्टाचार रुका और कितने युवाओं को रोजगार मिला। जीएसटी और नोटबंदी से कितने लोग बेरोजगार हुए इस बारे में भाजपा को बताना चाहिए। बाढ़ पर अखिलेश ने कहा कि बाढ़ आई नहीं है बल्कि लाया गया है। भाजपा पर हमला तेज करते हुए अखिलेश ने कहा कि अगर बिहार की धरती भाजपा का रथ रोक सकती है ये धरती तो भाजपा को भी रोक सकती है।

तेजस्वी यादव ने अपने भाषण में नीतीश कुमार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने भाषण की शुरुआत में ही सीएम नीतीश को चाचा कहकर प्रणाम किया और उन्हें एक धोखेबाज कह डाला। तेजस्वी ने कहा कि ऐसा कोई सगा नहीं है, जिसे नीतीश ने ठगा नहीं हो।

शरद के अलावा सपा अध्यक्ष और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव भी मंच पर पहुंचे। इसके अलावा राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद भी लालू को समर्थन देने पहुंचे। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी इस रैली में लालू को समर्थन देने पहुंची। रैली में यूं तो तमाम दिग्‍गज पहुंचे लेकिन सबकी निगाहें शरद यादव पर ही थी क्योंकि जेडीयू नेता और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने साफ चेतावनी दी थी कि अगर शरद यादव लालू की रैली में जाते हैं तो उन्हें कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

नीतीश की चेतावनी को दरकिनाकर कर शरद न सिर्फ रैली में पहुंचे बल्कि खुलेआम लालू को समर्थन का इजहार किया। जेडीयू के पूर्व अध्यक्ष रहे शरद यादव ने रैली से पहले ही अपने इरादे यह कहकर साफ कर दिए थे कि असली जेडीयू नीतीश कुमार वाली नहीं उनके वाली है।

बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने रैली का वीडियो फेसबुक पर शेयर किया है। अपने भाषण के दौरान तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जमकर निशाना साधा। नीतीश कुमार को चाचा कहकर संबोधित करते हुए तेजस्वी ने कहा कि ऐसा कोई सगा नहीं जिसे नीतीश ने ठगा नहीं। वो न आदमी अच्छे हैं न नेता।

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बता दें कि इस रैली के लिए लालू यादव काफी दिनों से मेहनत कर रहे थे। रैली के बहाने उनकी मंशा विपक्ष को तो एकजुट करने की थी ही भाजपा के खिलाफ भी अपने बूते बड़ा आंदोलन शुरू करने की थी। इसके अलावा वह इस रैली के बहाने अपने बेटे तेजस्वी यादव को भी अपनी राजनीतिक विरासत सौंपने की तैयारी कर चुके थे। तेजस्वी को लगातार प्रमोट कर रहे लालू यादव के लिए तेजस्वी को आगे बढ़ाने का इससे अच्छा मंच नहीं हो सकता था।

 

सीएम नीतीश के अलग होने के बाद लालू की ये पहली बड़ी रैली है, जिसमें हजारों समर्थक जुटे हैं। लालू के बेटे और बिहार नेता विपक्ष तेजस्वी यादव खुद रैली की तैयारियों का जिम्मा अपने हाथ में लिए हुए हैं। बताया जा रहा है कि गांधी मैदान में हरे रंग के बैनर्स और होर्डिंग्स लगे हुए हैं।

इससे पहले बिहार में बाढ़ से बुरे हालात होने के बावजूद लालू के समर्थकों को गांधी मैदान पहुंचने की हिदायत दी गई। राज्य के 20 जिले बाढ़ की चपेट हैं, फिर भी बस, ट्रेन और अन्य वाहनों से समर्थकों को यहां लाया जाया गया।

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