ट्रेन एक्सीडेंट में फसे हिन्दू भाइयो की मदद कर के मुस्लिम लोगो ने पेश की इस्लाम की मिसाल, साधुओ ने भी की तारीफ

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मुस्लिम लोगो ने धर्म से उपर उठ कर आपसी भाईचारा की मिसाल पेश करे हुए एक्सीडेंट में फसे लोगो की दिल खोल कर मदद की

भगवा कपड़े पहने और गले मे गेरुआ गमछा डाले संत भगवान दास महाराज मुस्लिमो के प्रयास की सराहना की जिन्हो ने मुश्किल समय में उत्कल एक्सप्रेस के घायल लोगो की मदद की
उन्हों ने टाइम्स ऑफ़ इंडिया से कहा ” मुझे याद है की मेरा सर सामने की सीट में घुस गया था , झटके की वजह से काम से काम मैं दो फ़ीट आगे जा टकराया था । मैं बहुत दर्द में था और हर तरफ से चीखने पुकारने की अवाज़ा आ रही थी । मैं ईमानदारी से कहू तो अगर मुस्लिम जो उस एरिया के आस पास थे अगर ट्रैन के तरफ भाग कर न आते और मदद न करते तो शायद हमारा बचना संभव नहीं था।
टाइम्स ऑफ़ के अनुसार साधु भगवन दास जो अपने 6 साथियो के साथ मध्य प्रदेश के मोराना से उत्कल एक्सप्रेस से चढ़े थे और हरिद्वार में गंगा स्नान के लिए जा रहे थे।
ट्रैन के पटरी से उतरने पर बम फटने जैसी आवाज़ आने पर गव के मुस्लिम मदद कररने के लिए उस हादसे के स्थान की तरफ दौड़े।
संत भगवत दास ने बताया कि मुस्लिमो ने उन्हें एक एक कर के बहार निकला और एक लोकल डॉक्टर को उनके प्राथमिक उपचार के लिए बुलाया उस के बाद उन्हें आगे हॉस्पिटल भेजा गया
एक और साधू मोरनी दास ने कहा ” मुस्लिम भाइयो ने हमारे लिए पीने के पानी चारपाई और प्राइवेट डाक्टर की व्यवस्था की , हम उनके एहसान को कभी नहीं भूल सकते ”
उन्हों ने आगे कहा
हम भगवान पर भरोसा रखते है। हम ने उनकी शक्ति को एक्सीडेंट के बाद देखा।
इस समय जब लोग हिन्दू मुस्लिम को लड़ाने की सियासत करते है। लेकिन असलियत ये है की यहाँ के हिन्दू और मुस्लिम आपस में प्यार करते है ”
उनके तीन साधू घायल हुए थे जिन्हें उपचार के लिए लाला लाजपत राइ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया
गया है।
खतौली गाव नइ आबादी के मोहम्मद सलीम ने पत्रकार को बताया की लोग चिल्ला रहे थे बचाओ बचाओ। चार औरते फसी हुई थी मई ने उन्हें शाम को देखा था लेकिन हम उन्हें बचा नहीं पाए।

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