जिंदा गायों को भूसे में दफन कर देता था BJP नेता, और खाल उतारकर मछलियों का बनाता था चारा

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रायपूर : बीजेपी नेता हरीश की गोशालाओं में अब तक 200 से अधिक गायों की मौत हो चुकी है डॉक्टर्स की टीम ने पोस्टमार्टम करने के बाद जो बताया है वो बेहद चौंकाने वाला है. मरी हुई गायों के पेट में न पानी की एक बूंद मिली न चारे का एक भी तिनका. सभी गायों की मौत भूखमरी और प्यास से हुई है. यानी उन्हें तड़पा-तड़पाकर मारा गया है. गोशाला के संचालक बीजेपी नेता हरीश वर्मा के खिलाफ शिकायत की गई है कि वो मृतक गायों की खाल उतरवाकर उससे मछलियों के लिए चारा बनवाता था.

गांव वालों ने भूसे से निकाली तड़पती हुई जिंदा गाय 

दावा किया जा रहा है कि राजपुर में चार दिन में 37, गोडमर्रा में 35 और रानो में 20 गायों की मौत हुई है, लेकिन शनिवार को भी गोशालाओं के आस-पास गायों की लाशें मिल रही थीं। अफसर उनकी गिनती नहीं कर पा रहे थे। मामला उजागर होने के बाद गोशाला स्टाफ और ग्रामीणों ने बताया कि बीमार गायों को गोडमर्रा में हरीश भूसे में जिंदा दफन करवा देता था। ग्रामीणों ने भूसे के ढेर से कुछ गायों को बाहर निकाला, सभी की सांसें चल रही थीं। इस गोरख धंधे के खुलासे के बाद कृषि मंत्री ने राज्यभर की गोशालाओं की 72 घंटे के भीतर जांच रिपोर्ट मांगी है। उधर, भाजपा ने हरीश को पार्टी से निलंबित कर दिया है.

दैनिक भास्कर में छपी खबर कि माने तो यहां गौशाला के चारो ओर कीचड़ ही कीचड़. कुछ गाएं कीचड़ में खड़ी गाय जुगाली कर रही थीं। इन्हें देख ऐसा लग रहा था कि शरीर पर केवल हडिडयां हैं और उसपर खाल चढ़ा दी गई है. वहीं कीचड़ में एक गाय मरी पड़ी थी। चारों ओर नजर डाली तो हर पांच गाय के बीच एक गाय ने दम तोड़ दिया था. तभी जांच टीम के अफसर भूसा रखने वाले एक कमरे को खोला। वहां जो लोगों के आंसू निकल आए. भूसे में दबाकर जिंदा गाएं रखी गईं थीं ताकि वे भी मर जाएं। उनकी बस आंखे खुली थी और शरीर बेदम सा था.  ऐसा लग रहा था कि जैसे वे पानी मांग रही हों। जैसे ही एक गाय को लोगों ने पानी पिलाया जो उसकी जान में जान आ गई.जब टीम मयूरी गौशाला पहुंची तो गायों की लाशों की गिनती करना भी मुश्किल हो रहा था.

यहां तो कब्रगाह ही बना डाला था

राजपुर में जब टीम पहंची तो उसने देखा कि गौशाला के पीछे करीब 500 मीटर में कब्रिस्ताननुमा एक जमीन है. यहां करीब 40 से अधिक गाएं दफन थीं और कई गड्‌ढे पहले ही खोदे गए थे ताकि बाद में मरने वाली गायों को आनन-फानन में दफन किया जा सके।

गौशाला में अय्याशी का अड्‌डा गौशाला में गायों के लिए पानी और चारा के नाम पर मांगे पैसे से आरोपी ने बार खोल रखा था। यहां जमकर दारू पार्टी होती थी। इधर गायों को दो घूंट पानी भी नसीब नहीं होता था.

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