जवानों के लिए केंद्रीय मंत्री का विवादित बयान, बोले-

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भाजपा के दो मंत्रियों के बिगड़े बोल सामने आए। केंद्रीय इस्पात मंत्री बीरेंद्र सिंह सर्जिकल स्ट्राइक कार्यक्रम में शहीदों की वीरांगनाओं को सम्मानित करने आए थे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि शहीदों की शहादत पर परिजनों को दी जाने वाली राशि में मुख्यमंत्री से कहकर बढ़ोतरी करवाने की कोशिश करेंगे, क्योंकि साल में प्रदेश का एकाध सैनिक ही मरता है। केंद्रीय मंत्री के इस बयान से कार्यक्रम में पहुंची शहीद परिवारों की महिलाओं ने कड़ी आपत्ति जताई। शहीदों के सम्मान के नाम पर कार्यक्रमों का आयोजन सरकारें करती हैं लेकिन शहीदों को सम्मान किसी भी सरकार ने नहीं दिया। शहीदों के परिजनों को सैकड़ों परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनकी कोई सुध लेने वाला नहीं है।

शहीदों की पत्नियों ने कहा कि एक तरफ सरकार फौज में युवाओं को भर्ती होने के लिए प्रेरित कर रही है। दूसरी ओर नेता शहीदों के खिलाफ आपत्तिजनक बातें बोले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंत्री अपने बेटों को फौज में भर्ती करवाएं और उनकी शहादत दिलवाएं। इसके बाद उन्हें शहादत की कीमत पता चलेगी। अगर मंत्रियों के बोल इसी तरह बिगड़े रहे तो वह भविष्य में शहीदों के लिए होने वाले कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगी।

उधर, जींद जिले के किनाना गांव में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रदेश के शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते समय मर्यादा की सभी सीमाएं लांघ गए। मंत्री के बोल ऐसे बिगड़े कि वह राहुल गांधी के डीएनए तक पहुंच गए। शिक्षामंत्री ने बिना नाम लिए कहा कि ‘यू छोरा, जैसे अपने यहां कुंआरे हांडैं सैं।’ जिस पार्टी ने 60 साल देश में राज किया, उन्हें यह इटली आला छोरा ही मिला और लोग कहां गए? इसके डीएनए में फर्क है। इसमें इटली का डीएनए ज्यादा है।

उन्होंने कहा कि पंडित नेहरू और इंदिरा गांधी का डीएनए सही था। नेहरू ने प्रधानमंत्री रहते चीनी प्रधानमंत्री से अटल बिहारी वाजपेयी का परिचय करवाते हुए उन्हें भावी प्रधानमंत्री बताया था। पंडित नेहरू और इंदिरा गांधी ने देश का सिर ऊंचा किया, लेकिन राहुल गांधी सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांगते हैं।

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