एएमयू: दोनों हत्याओं की सीबीआई जांच के लिए एएमयू में मार्च

0
1255

राष्ट्रीय स्तर का फुटबाल खिलाड़ी एवं एएमयू के पूर्व छात्र मेहताब तथा वाकिफ हत्याकांड की सीबीआई जांच कराने की मांग को लेकर छात्रों ने कैंपस में मार्च निकाला और जिला प्रशासन के माध्यम से अपनी मांगों को राष्ट्रपति के पास भेजा। इस दौरान छात्रों ने इंतजामिया की भूमिका पर सवाल उठाया और कहा कि एएमयू प्रशासन सतर्क रहता तो आईएनए अधिकारी तंजील की हत्या नहीं होती।

गुरुवार को छात्र मौलाना आजाद लाइब्रेरी कैंटीन से बाब-ए-सैयद तक कैंडल मार्च निकाला। बाब-ए-सैयद पर छात्रों को संबोधित करते हुए छात्र नेता शाहशांह ने कहा कि फरवरी में उन्हें मुनीर ने धमकी दिया था। उस समय भी एएमयू प्रशासन एवं जिला प्रशासन को सूचना दिया था। प्रशासन सतर्क रहता तो अपराधी तंजील हत्याकांड को अंजाम नहीं देते।

Facebook पे हमारे पेज को लाइक करने के लिए क्लिक करिये

उन्होंने कहा कि पिछले छह महीने में अपराधियों की गोली से कई छात्र घायल हुए। आलमगीर का मर्डर हुआ, बावजूद इसके प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया। एएमयू प्रशासन गंभीर होता तो राष्ट्रीय स्तर के फुटबाल खिलाड़ी मेहताब एवं वाकिफ की हत्या नहीं होती। एएमयू प्रॉक्टर आफिस के सामने डबल मर्डर साजिश से किया गया है। इसमें शिक्षक भी जिम्मेदार है।

अभी तक नामजद अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। छात्रों का कहना था कि सीबीआई जांच से कम उन्हें कुछ भी मंजूर नहीं है। वीसी छात्रों को अपनी औलाद कहते है। क्या औलाद की हत्या के बाद अभिभावक ऐसे चुप बैठते है। इस अवसर पर जानिब हसन, हैदर, वाजिद रसीद खान, तुफैल, कुंवर अहमद, आफाक, अकरम शेर एवं शाहिद आदि मौजूद थे। छात्रों के मार्च को देखते हुए कैंपस में प्रॉक्टोरियल टीम के साथ-साथ पुलिस प्रशासन भी चौकन्ना हो गया है।

अमर उजाला

एएमयू छात्र आलमगीर की हत्या में आरोपी शादाब एसटीएफ के हत्थे चढ़ा

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here