इस तेल में छिपा है अनेक लाभ, ये अनेक रोगों का चुटकियों मे करता है इलाज, खासी-नज़ला, BP, शुगर कुछ भी

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ये है वो तेल जिस मे छिपा है अनेक लाभ। ये तेल किसी भी बीमारी का रामबाण इलाज है।
इस तेल का नाम है कलौंजी का तेल। ये अनेक रोगों को चुटकियों मे ठीक करता है।

इस का इस्तेमाल कैसे करें
1- कलौंजी बीज का सेवन सीधे कया जा सकता है।
2- शहद मे एक छोटा चम्मच कलौंजी मिला कर कर सकते है।
3- कलौंजी पीस कर दूध तथा पानी के साथ मिला कर करसकते है।
4- कलौंजी को पेटीज, ब्रीड तथा पनीर पर छिड़क कर कर सकता है।
5- कलौंजी को उबलते दुध को ठंडा कर के उस मे मिला कर कर सकते है।
6- कलौंजी को पानी मे उबालें फिर छान कर प्रयोग कर सकते है।

कोन-कोन से बीमारियों मे इसका प्रयोग होता है।
1- कलौंजी के तेल को रोग्रस्थ अंगों पर मालिस कर के वात रोग को दूर कर सकते है।
2- 2 ग्राम कलौंजी प्रतिदिन के सेवन के परिणास्वरूप तेज हो रहा गुलोकोज कम होता है। insulin registance घटती है, beta cell की कार्यप्राणी मे विरुद्ध हो रहा होता है अथवा glaecocladit hamoglobin मे कमी आती है।
3- कलौंजी की भस्म को मस्सों पर नियमित रूप से लगाकर बवासीर रोग को दूर किया जा सकता है।
3- बच्चों पर कलौंजी के सत्व का प्रयोग कर के मिर्गी रोग को दूर किया जा सहता है।
4- दिन मे दो बार 100 या 200 ग्राम कलौंजी के सत्व का प्रयोग करने से hypotention के मरीज का ब्लड प्रेसर कम करता है।
5- कलौंजी को दही मे मिला कर लेप बनाके पीड़ित अंग पर लगा के स्नायू की पीड़ा समाप्त कर सकते है।
6- कलौंजी को पानी मे उबाल कर इसका सत्व को पीने से दम्मा के बीमारी को दूर कर सकते है।
7- 20 ग्राम कलौंजी अच्छी तरह पका कर किसी कपड़े मे बांध कर सुघने से नाक खुल जाता है और जुकाम ठीक होजाता है।
कलौंजी का बारीक मिश्रण को जैतून के तेल मे मिला के कपड़े से छान कर बून्द-बून्द करके नाक मे डालने से बार-बार जुकाम मे झिकना बैंड होजाता है
8- शहद मे 10 ग्राम कलौंजी मिला कर चाटने से हिचकी बन्द हो जाती है।
9- अगर अंग पर किसी चोट के कारण सुजन आजाती है तो कलौंजी पानी मे पीस कर लगाएं।
10- 125 ग्राम शहद मे 250 ग्राम कलौंजी पीस कर मिलाएं तथा उस मे आधा कप पानी और आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाएं। फिर इसे 21 दिन तक रोजाना खाली पेट दो चम्मच सेवन करें। इससे पथरी खत्म हो जाएगा।
11- एक कप गर्म पानी मे आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिला लें। 28 दिन तक दिन मे दो बार कि चाय बना कर सेवन कर ने से blood pressure कम हो जाता है।
12- जली हुई कलौंजी को सेवन वाले तेल मे मिला के नियमित रूप से प्रयोग करने से गांजा पन खत्म होजाता है।
13- 250 मिलीलीटर दूध में आधा चम्मच कलौंजी का तेल और एक चम्मच शहद मिलाकर पीने से पेशाब की जलन खत्म होती है।
14- कलौंजी के चूर्ण को नारियल के तेल में मिलाकर त्वचा पर मालिश करने से त्वचा के विकार नष्ट होते है|
15- किसी भी कारण से पेट दर्द हो एक गिलास नींबू पानी में 2 चम्मच शहद और आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर दिन में 2 बार पीएं। उपचार करते समय रोगी को बेसन की चीजे नहीं खानी चाहिए। या चुटकी भर नमक और आधे चम्मच कलौंजी के तेल को आधा गिलास हल्का गर्म पानी मिलाकर पीने से पेट का दर्द ठीक होता है। या फिर 1 गिलास मौसमी के रस में 2 चम्मच शहद और आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर दिन में 2 बार पीने से पेट का दर्द समाप्त होता है।
16- कलौंजी का तेल एक चौथाई चम्मच की मात्रा में एक कप दूध के साथ कुछ महीने तक प्रतिदिन पीने और रोगग्रस्त अंगों पर कलौंजी के तेल से मालिश करने से लकवा रोग दूर होता है।
17- रात में सोने से पहले आधा चम्मच कलौंजी का तेल और एक चम्मच शहद मिलाकर पीने से नींद अच्छी आती है।
18- कलौंजी का तेल कान में डालने से कलौंजी का तेल कान में डालने से दूर होती है। इससे बहरापन मे भी लाभ होता है।
19- एक गिलास अंगूर के रस में आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर दिन में 3 बार पीने से कैंसर का रोग ठीक होता है। इससे आंतों का कैंसर, ब्लड कैंसर व गले का कैंसर आदि में भी लाभ मिलता है। इस रोग में रोगी को औषधि देने के साथ ही एक किलो जौ के आटे में 2 किलो गेहूं का आटा मिलाकर इसकी रोटी, दलिया बनाकर रोगी को देना चाहिए। इस रोग में आलू, अरबी और बैंगन का सेवन नहीं करना चाहिए। कैंसर के रोगी को कलौंजी डालकर हलवा बनाकर खाना चाहिए।
20- कलौंजी के बीजों को सेंककर और कपड़े में लपेटकर सूंघने से और कलौंजी का तेल और जैतून का तेल बराबर की मात्रा में नाक में टपकाने से सर्दी-जुकाम समाप्त होता है। आधा कप पानी में आधा चम्मच कलौंजी का तेल व चौथाई चम्मच जैतून का तेल मिलाकर इतना उबालें कि पानी खत्म हो जाएं और केवल तेल ही रह जाएं। इसके बाद इसे छानकर 2 बूंद नाक में डालें। इससे सर्दी-जुकाम ठीक होता है। यह पुराने जुकाम भी लाभकारी होता है।
21- 10 ग्राम कलौंजी को पीसकर 3 चम्मच शहद के साथ रात सोते समय कुछ दिन तक नियमित रूप से सेवन करने से पेट के कीडे़ नष्ट हो जाते है।
22- कलौंजी का काढ़ा बनाकर सेवन करने से प्रसव की पीड़ा दूर होती है।
23- आधे कप गर्म पानी में एक चम्मच शहद व आधे चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर सुबह खाली पेट और रात को सोते समय लें। इससे पोलियों का रोग ठीक होता है।
24- सिरके में कलौंजी को पीसकर रात को सोते समय पूरे चेहरे पर लगाएं और सुबह पानी से चेहरे को साफ करने से मुंहासे कुछ दिनों में ही ठीक हो जाते हैं।
25- स्फूर्ति रीवायटल के लिए नांरगी के रस में आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर सेवन करने से आलस्य और थकान दूर होती है।
26- कलौंजी को रीठा के पत्तों के साथ काढ़ा बनाकर पीने से गठिया रोग समाप्त होता है।
27- एक चम्मच सिरका, आधा चम्मच कलौंजी का तेल और दो चम्मच शहद मिलाकर सुबह खाली पेट और रात को सोते समय पीने से जोड़ों का दर्द ठीक होता है।
28-आंखों की लाली, मोतियाबिन्द, आंखों से पानी का आना, आंखों की रोशनी कम होना आदि। इस तरह के आंखों के रोगों मे एक कप गाजर का रस, आधा चम्मच कलौंजी का तेल और दो चम्मच शहद मिलाकर दिन में 2बार सेवन करें। इससे आंखों के सभी रोग ठीक होते हैं। आंखों के चारों और तथा पलकों पर कलौंजी का तेल रात को सोते समय लगाएं। इससे आंखों के रोग समाप्त होते हैं। रोगी को अचार, बैंगन, अंडा व मछली नहीं खाना चाहिए।
29- एक कप गर्म पानी में आधा चम्मच कलौंजी का तेल डालकर रात को सोते समय पीने से स्नायुविक व मानसिक तनाव दूर होता है।
30- नाड़ी का छूटना के लिए आधे से 1 ग्राम कालौंजी को पीसकर रोगी को देने से शरीर का ठंडापन दूर होता है और नाड़ी की गति भी तेज होती है। इस रोग मे आधे से 1ग्राम कालौंजी हर 6 घंटे पर लें और ठीक होने पर इसका प्रयोग बंद कर दें।
31-कलौंजी को पीसकर लेप करने से नाड़ी की जलन व सूजन दूर होती है।
32- कलौंजी के तेल को गांठो पर लगाने और एक चम्मच कलौंजी का तेल गर्म दूध में डालकर पीने से गांठ नष्ट होता है।
33- यदि रात को नींद में वीर्य अपने आप निकल जाता हो तो एक कप सेब के रस में आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर दिन में 2 बार सेवन करें। इससे स्वप्नदोष दूर होता है। प्रतिदिन कलौंजी के तेल की चार बूंद एक चम्मच नारियल तेल में मिलाकर सोते समय सिर मे लगाने स्वप्न दोष का रोग ठीक होता है। उपचार करते समय नींबू का सेवन न करें।
34- चीनी 5 ग्राम, सोनामुखी 4 ग्राम, 1 गिलास हल्का गर्म दूध और आधा चम्मच कलौंजी का तेल। इन सभी को एक साथ मिलाकर रात को सोते समय पीने से कब्ज बंद होता है।
35 21 दिनों तक एक कप पानी मे 50 ग्राम हरा पुदीना उबाल लें और इस पानी मे आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर सुबह खाली पेट एवं रात को सोते समय सेवन करने से खून की कमी खत्म होती है।

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